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पिछले दो सप्ताह से महाराष्ट्र में अचानक बढ़ते कोरोना के मामलों ने महाराष्ट्र सरकार की चिंता बढ़ा दी है। जिसे देखते हुए सरकार आनेवाले दिनों में कुछ सख्त कदम उठा सकती

उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने जहां सोमवार को कठोर निर्णय करने के संकेत दिए

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मुंबई!

पिछले दो सप्ताह से महाराष्ट्र में अचानक बढ़ते कोरोना के मामलों ने महाराष्ट्र सरकार की चिंता बढ़ा दी है। जिसे देखते हुए सरकार आनेवाले दिनों में कुछ सख्त कदम उठा सकती है। पिछले कुछ सप्ताहों के दौरान मुंबई सहित पूरे महाराष्ट्र में कोरोना के मामले काफी कम हो गए थे। लेकिन पिछले दो सप्ताह से नए मामलों में फिर बढ़ोतरी होती दिखाई दे रही है। इस अवधि में 20 हजार नए कोरोना के मामले राज्य में सामने आए हैं। इनमें सर्वाधिक संख्या विदर्भ के जिलों से आ रहे कोरोना मामलों की है। इस समय नागपुर में 2,628 मामले, वर्धा में 466 मामले एवं औरंगाबाद में 518 मामले हैं।

मुंबई में भी दो सप्ताह पहले तक जहां कोरोना मामलों में निरंतर कमी आती दिख रही थी, वहीं अब ये फिर से बढ़ते दिखाई दे रहे हैं।

इसे देखते हुए उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने जहां सोमवार को कठोर निर्णय करने के संकेत दिए, वहीं स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने एक बार फिर लाक डाउन को अंतिम विकल्प बताया।

बता दें कि लंबे समय तक बंद रहने के बाद 15 दिन पहले ही मुंबई में लोकल ट्रेन की सेवा सामान्य नागरिकों के लिए भी शुरू की गई है। आम नागरिक सीमित अवधि में अब लोकल ट्रेन का उपयोग कर पा रहे हैं। लेकिन अभी यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सका है कि मुंबई में पुनः बढ़ते कोरोना मामलों के पीछे लोकल ट्रेन में बढ़ती भीड़ ही एक कारण है, या कुछ और। कुछ सप्ताह पहले दिल्ली में बढ़ते कोरोना मामलों को देखते हुए महाराष्ट्र ने दिल्ली-एनसीआर, गुजरात, राजस्थान एवं गोवा से आनेवाले विमान यात्रियों के लिए कोविड का एनटीपीसीआर टेस्ट अनिवार्य कर दिया था। इन राज्यों से आनेवाले विमान यात्रियों के लिए यह जांच अब भी अनिवार्य है। बाहर से आनेवाले ट्रेन यात्रियों की भी विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर जांच की जा रही है। माना जा रहा है कि राज्य में पुनः बढ़ते कोविड मामलों को देखते हुए राज्य सरकार जल्दी ही कुछ और सख्त कदम उठा सकती है।

Source 16-02-2021

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