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राष्ट्रपति चुनाव के लिए सोमवार को मतदान होना है. जिसके लिए संसद में भी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं.21 जुलाई को परिणाम घोषित होने के बाद 25 जुलाई 2022 को नए राष्ट्रपति का शपथ ग्रहण समारोह होगा..एनडीए उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू का पलड़ा भारी

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राष्ट्रपति चुनाव के लिए सोमवार को मतदान होना है. जिसके लिए संसद में भी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं.

21 जुलाई को परिणाम घोषित होने के बाद 25 जुलाई 2022 को नए राष्ट्रपति का शपथ ग्रहण समारोह होगा. कल होने वाले राष्ट्रपति चुनाव को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. संसद भवन के कमरा नम्बर-63 में 6 बूथ बनाए गए हैं. जिसमें एक दिव्यांग वोटर के लिए है. अलग-अलग राज्यों के कुल 9 विधायक संसद भवन में वोट करेंगे. यूपी से 4, त्रिपुरा से 2, असम से 1, ओडिसा से 1, हरियाणा से 1 जबकि 42 सांसद विधानसभाओं में वोट करेंगे.

राष्ट्रपति चुनाव में एनडीए की ओर से द्रौपदी मुर्मू उम्मीदवार हैं. द्रौपदी मुर्मू आदिवासी समुदाय से आती हैं. मुर्मू अनुसूचित जनजाति से संबंधित दूसरी व्यक्ति हैं, जिन्हें भारत के राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार के रूप में नामित किया गया है. उन्होंने इससे पहले 2015 से 2021 तक झारखंड के नौवें राज्यपाल के रूप में कार्य किया है. अगर द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति चुनाव में जीतती हैं तो वे राष्ट्रपति बनने वाली पहली आदिवासी महिला होंगी.

यशवंत सिन्हा हैं विपक्ष के उम्मीदवार

वहीं विपक्ष की ओर से पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा को उम्मीदवार बनाया गया है. उन्होंने पूर्व पीएम चंद्रशेखर की सरकार में 1990 से 1991 तक और फिर 1998 से 2002 तक पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में वित्त मंत्री के रूप में कार्य किया हैं. यशवंत सिन्हा ने विदेश मंत्री के रूप में भी कार्य किया. 2018 में पार्टी छोड़ने से पहले वह भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता थे. इसके बाद वो अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए थे. हालांकि राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में चुने जाने से एक दिन पहले उन्होंने टीएमसी छोड़ दी थी.

एनडीए उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू का पलड़ा भारी

राष्ट्रपति चुनाव एनडीए उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू का पलड़ा भारी माना जा रहा है. उन्हें बीजद, वाईएसआरसीपी, बसपा, अन्नाद्रमुक, तेदेपा, जद (एस), शिरोमणि अकाली दल, शिवसेना और झामुमो जैसे क्षेत्रीय दलों का समर्थन मिला है. द्रौपदी मुर्मू का वोट शेयर लगभग दो-तिहाई तक पहुंचने की संभावना है.

कितना है सांसद और विधायकों के वोट का मूल्य?

बता दें कि, चुनाव आयोग के मुताबिक इस बार एक सांसद (MP) के वोट का मूल्य 700 है. वहीं अलग-अलग राज्यों में हर विधायक के वोट का मूल्य अलग-अलग होता है. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में हर विधायक (MLA) के वोट का मूल्य 208 है, फिर झारखंड और तमिलनाडु में 176 है. इसके बाद महाराष्ट्र में 175 है. वहीं सिक्किम में प्रत्येक विधायक की वोट का मूल्य सात है, जबकि नगालैंड में ये नौ और मिजोरम में आठ है. मतदान के बाद 21 जुलाई को राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे (President Election Result) घोषित किए जाएंगे.

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