देश

आपको ऐसी जगह के बारे में पता है, जहां गाड़ियां बिना ईधन के अपने आप चलती हैं.. जी हां ऐसी रहस्यमयी जगह भारत में ही है। यहां एक ऐसी रहस्यमयी पहाड़ी है,जहां गाड़ियां तेल से नहीं बल्कि अपने आप चलती हैं। इस पहाड़ी के आसपास अगर कोई रात को अपनी गाड़ी खड़ी कर दे तो सुबह तक उसे अपनी गाड़ी ही नहीं मिलेगी। यह कैसे होता है, अब तक रहस्य ही बना हुआ है..

VIGYAPAN
photostudio_1634614114400
IMG-20211220-WA0000
photostudio_1633317682627
photostudio_1651243523526

आज के समय में पेट्रोल डीजल के बढ़ते दाम लोगों के लिए परेशानी का कारण बनता जा रहा है। पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ने से लोगों की जेब पर अतिरिक्त भार पड़ रहा है। आप भी अपनी कार या बाइक में पेट्रोल डीजल डलवाते हैं लेकिन क्या आपको ऐसी जगह के बारे में पता है, जहां गाड़ियां बिना ईधन के अपने आप चलती हैं।

जी हां ऐसी रहस्यमयी जगह भारत में ही है। यहां एक ऐसी रहस्यमयी पहाड़ी है,जहां गाड़ियां तेल से नहीं बल्कि अपने आप चलती हैं। इस पहाड़ी के आसपास अगर कोई रात को अपनी गाड़ी खड़ी कर दे तो सुबह तक उसे अपनी गाड़ी ही नहीं मिलेगी। यह कैसे होता है, अब तक रहस्य ही बना हुआ है।

20 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने लगती है गाड़ियां
हम जिस रहस्यमयी पहाड़ी क बात कर रहे हैं, वह लद्दाख के लेह क्षेत्र में है। यह पहाड़ी किसी जादू से कम नहीं है। वैज्ञानिकों का मानना है कि इस पहाड़ी में चुंबकीय शक्ति है, जो गाड़ियों को करीब 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अपनी ओर खींच लेती है। इसी वजह से इसे ‘मैग्नेटिक हिल’ कहा जाता है।

गुरुत्वाकर्षण का नियम फेल
इस मैग्नेटिक हिल को ‘ग्रैविटी हिल’ के नाम से भी जाना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस पहाड़ी पर गुरुत्वाकर्षण का नियम फेल हो जाता है। बता दें कि गुरुत्वाकर्षण के नियम के अनुसार अगर किसी वस्तु को ढलान पर छोड़ दें तो वह नीचे की तरफ लुढ़केगी लेकिन चुंबकीय पहाड़ी पर ऐसा नही होता। यहां अगर किसी कार को गियर में डालकर छोड़ दें तो कार ढलान पर नीचे की ओर जाने की बजाय ऊपर की ओर चढ़ती है। यहां पर किसी तरल पदार्थ को भी बहाने पर वह नीचे की तरफ न जाकर ऊपर की तरफ बहता है।

पहाड़ी के ऊपर से गुजरने वाले विमानों को भी होती है परेशानी
वैज्ञानिकों का मानना है कि गुरुद्वारा पठार साहिब के पास स्थित पहाड़ी में गजब की चुंबकीय शक्ति है। इस पहाड़ी की चुंबकीय शक्ति से आसमान में उड़ने वाले जहाज भी नहीं बच पाते हैं। इस पहाड़ी के ऊपर से उड़ान भर चुके कई पायलटों का दावा है कि यहां उड़ान भरते समय हवाई जहाज में कई झटके महसूस होते हैं। ऐसे में हवाई जहाज को पहाड़ी की चुंबकीय शक्ति से बचाने के लिए विमान की रफ्तार बढ़ा दी जाती है। वहीं कुछ लोगों का मानना है कि इस पहाड़ी के आसपास की क्षेत्रीय संरचना ‘दृष्टि भ्रम’ जैसा माहौल पैदा करती है, जिससे नीचे की तरफ लुढ़कती हुई वस्तु ऊपर की तरफ चढ़ती दिखाई देती है।

Source

Related Articles

Back to top button
Close
Close